| विवरण | विवरण की जानकारी |
| कुल निर्धारित लागत | ₹1,00,000 प्रति हेक्टेयर |
| सरकारी सहायता (सब्सिडी) | लागत का 50% (यानी ₹50,000 प्रति हेक्टेयर) |
| भुगतान का तरीका | बैंक ट्रांसफर (EFT/RTGS/NEFT) द्वारा सीधे खाते में |
सब्सिडी मिलने के चरण (Installments)
सरकार यह पैसा एक साथ न देकर दो चरणों में देती है:
- पहली किस्त: कुल सब्सिडी का 60% हिस्सा।
- दूसरी किस्त: कुल सब्सिडी का 40% हिस्सा।
पात्रता की शर्तें (कौन आवेदन कर सकता है?)
- आवेदक का जनजातीय (Tribal) समुदाय से होना अनिवार्य है।
- कॉफी बोर्ड के अधिकारियों द्वारा आपकी जमीन की जांच की जाएगी कि वह खेती के लिए उपयुक्त है या नहीं।
- खेती के लिए बीज केवल कॉफी बोर्ड से ही खरीदना होगा।
आवेदन करने की प्रक्रिया (Step-by-Step)
यह प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है और इसे दो भागों में पूरा किया जाता है:
प्रथम किस्त पाने का तरीका
- चरण 1: सबसे पहले आधिकारिक आवेदन फॉर्म का प्रिंट निकालें।
- चरण 2: फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें, अपनी फोटो चिपकाएं और जरूरी दस्तावेजों की कॉपी साथ लगाएं।
- चरण 3: जब आप पौधों की रोपाई (Planting) पूरी कर लें, तब इस फॉर्म को पास के कॉफी बोर्ड विस्तार कार्यालय में जमा करें।
- चरण 4: बोर्ड के अधिकारी (SLO/JLO) आपकी जमीन का निरीक्षण करेंगे और सब सही पाए जाने पर पहली किस्त की मंजूरी देंगे।
द्वितीय किस्त पाने का तरीका
- चरण 1: रोपाई के दूसरे वर्ष में, खाली जगहों पर नए पौधे (Vacancy filling) लगाने के बाद दोबारा फॉर्म भरें।
- चरण 2: सभी आवश्यक कागजात और फॉर्म विस्तार कार्यालय में जमा करें।
- चरण 3: अधिकारी फिर से खेत की जांच करेंगे। यदि पौधे सही स्थिति में पाए जाते हैं, तो दूसरी किस्त के भुगतान की सिफारिश की जाएगी।
कॉफी बोर्ड की सब्सिडी प्राप्त करने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। इसे सरल हिंदी में नीचे समझाया गया है:
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
1. पहली किस्त (1st Installment) के लिए कागजात
पहली किस्त का दावा करते समय आपको ये दस्तावेज जमा करने होंगे:
- आवेदन और स्व-घोषणा पत्र: निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ आवेदन फॉर्म और खुद के द्वारा हस्ताक्षरित घोषणा पत्र (दो प्रतियों में)।
- पहचान का प्रमाण: आवेदक की फोटो वाली आईडी (जैसे: आधार कार्ड, वोटर आईडी (EPIC), राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या पैन कार्ड में से कोई भी एक)।
- भूमि स्वामित्व का प्रमाण: जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कानूनी कागजात।
- बैंक विवरण: बैंक खाता संख्या, बैंक का नाम, शाखा (Branch) का नाम और IFSC कोड की स्पष्ट जानकारी (पासबुक की कॉपी)।
- भूमि रिकॉर्ड/कब्जा प्रमाण पत्र: ग्राम प्राधिकरण या राज्य सरकार के सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित जमीन के रिकॉर्ड या पट्टा।विशेष ध्यान दें: जमीन के सभी रिकॉर्ड और कागजात अनिवार्य रूप से लाभार्थी (आवेदक) के नाम पर होने चाहिए।
2. दूसरी किस्त (2nd Installment) के लिए कागजात
खेती के दूसरे वर्ष में सहायता राशि का शेष हिस्सा पाने के लिए:
- पुनः आवेदन और स्व-घोषणा: दूसरी किस्त के लिए भी आपको निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ आवेदन फॉर्म और हस्ताक्षरित स्व-घोषणा पत्र (दो प्रतियों में) जमा करना होगा।