बिहार बागवानी विकास योजना: विस्तृत विवरण

बिहार सरकार किसानों को पारंपरिक खेती से हटकर फल और फूलों की खेती (बागवानी) के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत ₹1,00,000 से ₹2,00,000 प्रति एकड़ तक की सब्सिडी दी जा रही है।


1. मुख्य लाभ और सब्सिडी (Benefits)

नीचे दी गई तालिका में फसलों के अनुसार मिलने वाली सब्सिडी का विवरण है:

फसल की श्रेणीफसल के नामसब्सिडी राशि (प्रति एकड़)
मानक फसलें (Standard)अमरूद, आंवला, नींबू, बेल, लेमनग्रास, पपीता और गेंदा₹1,00,000/-
प्रीमियम फसलें (Premium)ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी₹2,00,000/-
  • अतिरिक्त लाभ: किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाली पौध (Planting Material) भी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • आरक्षण विवरण: * सामान्य श्रेणी: 78.56% | अनुसूचित जाति: 20% | अनुसूचित जनजाति: 1.44%
    • महिला भागीदारी: कुल लाभार्थियों में 30% महिलाएं अनिवार्य हैं।

2. पात्रता (Eligibility)

  • आवेदक: व्यक्तिगत किसान, किसान समूह, किसान उत्पादक संगठन (FPO), सहकारी समितियां या पंजीकृत संस्थान।
  • भूमि की सीमा: न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 10 एकड़ (क्लस्टर क्षेत्र के लिए 25 एकड़ तक)।
  • पंजीकरण: आवेदक का DBT (Direct Benefit Transfer) पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है।

3. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

DBT पंजीकरण के लिएयोजना आवेदन के लिए
आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक)पासपोर्ट साइज फोटो
पासपोर्ट साइज फोटोअनुबंध फॉर्म (गैर-रैयत किसानों के लिए)
बैंक पासबुक विवरणभूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) या लगान रसीद
भूमि का विवरणवंशावली (यदि रसीद में नाम स्पष्ट न हो)

नोट: लगान रसीद पिछले 1 वर्ष की और LPC पिछले 3 वर्षों के भीतर अपडेटेड होनी चाहिए।


4. आवेदन प्रक्रिया (Step-by-Step Process)

आवेदन दो चरणों में पूरा होता है:

चरण 1: DBT पोर्टल पर पंजीकरण (यदि पहले से नहीं है)

  1. वेबसाइट पर जाएं: DBT पोर्टल के रजिस्ट्रेशन पेज पर जाएं।
  2. सत्यापन: आधार प्रमाणीकरण का प्रकार चुनें (OTP/Biometric/Iris)।
  3. आधार विवरण: आधार नंबर और नाम दर्ज करें और ‘Authentication’ पर क्लिक करें।
  4. OTP: प्राप्त ओटीपी दर्ज कर ‘Validate’ करें।
  5. KCC विवरण: किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरें और ‘Farmer Registration’ पर क्लिक करें।
  6. विवरण भरें: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, भूमि और बैंक विवरण भरें और सबमिट करें।
  7. रजिस्ट्रेशन आईडी: ओटीपी सत्यापन के बाद 13 अंकों की रजिस्ट्रेशन आईडी प्राप्त करें।

चरण 2: योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन

  1. आधिकारिक साइट: बागवानी विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
  2. शर्तें: नीचे दिए गए चेकबॉक्स को टिक करें और ‘Proceed to apply’ पर क्लिक करें।
  3. लॉगिन: अपनी ‘DBT Registration Number’ दर्ज करें और ‘Get details’ पर क्लिक करें।
  4. दस्तावेज: पता, भूमि का विवरण भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें।
  5. सबमिट: फॉर्म की जांच करें और सबमिट बटन दबाएं।
  6. रसीद: एक ‘Application Number’ जनरेट होगा, उसे भविष्य के लिए प्रिंट कर लें।

सहायता केंद्र (Helpdesk)

  • पता: दूसरी मंजिल, कृषि भवन, मीठापुर, पटना।
  • ईमेल: dir-bhds-bih@nic.in
  • फोन: 0612-2547772

निश्चित रूप से, आपके द्वारा दिए गए दस्तावेजों (Documents Required) की सूची का हिंदी अनुवाद और व्यवस्थित विवरण यहाँ दिया गया है:


आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)

इस योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेजों को दो भागों में बांटा गया है:

1. DBT पंजीकरण प्रक्रिया के लिए:

  • आधार कार्ड का विवरण: आधार कार्ड अनिवार्य है और यह आपके मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए (OTP के लिए)।
  • पासपोर्ट साइज फोटो: हाल ही में खींची गई फोटो।
  • किसान का व्यक्तिगत विवरण: नाम, पिता का नाम, पता आदि।
  • भूमि की जानकारी: खेती योग्य भूमि का खसरा/खाता नंबर।
  • बैंक खाता विवरण: बैंक पासबुक की प्रति (ताकि सब्सिडी सीधे खाते में आए)।

2. योजना के ऑनलाइन आवेदन के लिए:

  • पासपोर्ट साइज फोटो: डिजिटल फॉर्मेट में अपलोड करने हेतु।
  • अनुबंध फॉर्म (Contract Form): यह विशेष रूप से गैर-रैयत (Non-Ryot) किसानों के लिए है (जो अपनी जमीन पर खेती नहीं कर रहे हैं)।
  • भूमि स्वामित्व/राजस्व रसीद (LPC/Laggan): जमीन के मालिकाना हक का प्रमाण (यदि लागू हो)।

⚠️ महत्वपूर्ण नोट (जरूर पढ़ें):

  1. वंशावली (Genealogy): यदि भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र या राजस्व रसीद में आवेदक का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है, तो जमीन की वंशावली संलग्न करना अनिवार्य होगा।
  2. दस्तावेजों की वैधता:
    • LPC (भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र): यह पिछले 3 वर्षों के भीतर का (अपडेटेड) होना चाहिए।
    • राजस्व रसीद (लगान रसीद): यह पिछले 1 वर्ष की होनी चाहिए।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *